Thursday, May 13, 2021

मेरा वश चले तो तुम्हें मैं आजाद करवा लूँ इन गद्दारों की गिरफ्त से लेकिन डरता हूँ कि इन गद्दारों का खाते खाते कभी तुम्हारे ख्यालात भी तो इन गद्दारों जैसे नहीं हो गये

शायर मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान 


मेरा वश चले तो 

तुम्हें मैं आजाद करवा लूँ 

इन गद्दारों की गिरफ्त से 

लेकिन डरता हूँ कि

इन गद्दारों का खाते खाते 

कहीं तुम्हारे ख्यालात भी तो 

इन गद्दारों जैसे नहीं हो गये.........24.05.2021


कातिल को माफ कर दूँ 

मैं वो फरिश्ता नहीं 

इस जन्म तेरा मेरा 

कोई रिश्ता नहीं 

क्या हुआ जो आँसू नहीं दिखते 

क्योंकि मुर्दा कभी रोता नहीं

06.05.2021

https://youtu.be/T8d_OSg2jmg

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