Saturday, November 25, 2023

25 नवम्बर 2023 रामगढ विधानसभा ,अलवर (राजस्थान) में हुआ 77.41% मतदान

पर्सनल डायरी शायरी 25 नवम्बर 2023

मास्टर मुखत्यार सिंह करनावल रामगढ़ विधानसभा चुनाव 

अलवर राजस्थान ।



1...आज 25 नवम्बर 2023 को राजस्थान में 199 सीटों 

विधानसभा के चुनाव हुए ।  श्री ग॓गानगर जिले में करणपुर सीट 

मे कौग्रस प्रत्याशी की मॄत्यु हो जाने के कारण चुनाव टाल दिये 

गये और कुछ महीनों बाद होंगे ।

पूरे राजस्थान में कुल 74 % वोटिंग हुई ।

2...रामगढ़ (अलवर) विधानसभा में नयी लिस्ट के अनुसार 

कुल मतदाता 270651 है । 

जिसमें रामगढ़ (अलवर) से 77.41 % मतदान हुआ ।

3...पूरे अलवर जिले में 74.91% मतदान हुआ  ।  

पूरे अलवर जिले में कुल 113 प्रत्याशी मैदान में है ।

4...तिजारा विधानसभा में रिकार्ड तोड़ 85.15% मतदान हुआ ।

तिजारा में बीजेपी के अलवर जिले के वर्तमान सांसद

बालकनाथ यादव व बसपा के उम्मीदवार इमरान खाँन

जिन्होंने बसपा की टिकट लौटाकर काँग्रेस पार्टी की 

टिकट पर चुनाव लडा दोनों के बीच काँटे की टक्कर 

नजर आयी ।


5...रामगढ़ विधानसभा में  6 नवम्बर 2023 को नामांकन 

का अंतिम दिन था । कुल प्रत्याशी 16 थे ।

जिसमें भारतीय जनता पार्टी के ज्ञान देव आहूजा के 

भतीजे जय आहूजा को टिकट मिला ।

काँग्रेस पार्टी में जुबैर खाँन को टिकट मिला 

बीजेपी के बागी पूर्व प्रत्याशी सुखवंत सिंह को बीजेपी का 

टिकट ना मिलने के कारण उसने भीम आर्मी व 

चन्द्रशेखर रावण की नवनिर्मित "आजाद समाज पार्टी" से

 टिकट व केतली चुनाव  चिन्ह प्राप्त किया ।

6...आम आदमी पार्टी ने गाँव खेड़ी निवासी विशवेन्दर सिंह

 चौधरी जाट को टिकट दिया ।

7...बहुजन समाजवादी पार्टी ने प्रिन्सिपल दिवान चन्द  को

टिकट दिया ।

8...एम आई ए क्षेत्र के गाँव साँखला में निर्दलीय प्रत्याशी 

राय सिक्ख भाई मुखत्यार सिंह ने भी जोर शोर से चुनाव 

प्रचार किया जिसका चुनाव चिह्न कैंची था ।


लेकिन काफी जनता का यही कहना है कि इस बार मुकाबला 

जुबेर खाँन बनाम सुखवंत सिंह के बीच है और आहूजा

 तीसरे नंबर पर हैं ।

चुनाव का परिणाम 03 दिसम्बर 2023 को आयेगा ।


मैने शाम 4:30 पर ढाढोली पोलिंग बूथ पर जाकर वोटर

 लिस्ट के क्रमांक नम्बर 179 पर से संतुष्टीपूर्वक मतदान

 किया ।

9...अलवर ग्रामीण में कांग्रेस के टीकाराम जूली और भाजपा 

के जयराम जाटव के बीच काँटे की टक्कर नजर आयी ।

अलवर ग्रामीण सीट पर 74.84% मतदान हुआ ।


10...अलवर शहर सीट पर सबसे कम 65.68% मतदान 

हुआ ।


मास्टर मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान 



Wednesday, October 18, 2023

18 October 2023 Personal Diary Shayari Master Mukhtyar Singh Karnawal Alwar Rajasthan

 Expanses 

1...Rs.539  For Shop investment 

2...rs 50 Shop Language bag

3...rs 110 Bike Petrol 

4..rs 20 four cup tea Myself and 

Mahender Singh

5...rs 24 milk

6..rs 10 surf

7...rs. 40  Bike puncture back tyre.


Total Rs.  = 793  



Tuesday, September 26, 2023

26 September 2023 Personal Diary Shayari Master Mukhtyar Singh Karnawal Alwar Rajasthan

 Personal Diary Shayari 

Master Mukhtyar Singh Karnawal Alwar Rajasthan 

Date = 26 September 2023

Tuesday 

अस्सु महीना   नानकशाही सम्वत 555

My life is an open book anyone can read it 

and I want to be read by the world. 

मेरा,जीवन एक खुली किताब है जिसे कोई भी पढ़ सकता है 

और मैं चाहता हूँ कि जमाना मुझे पढ़े ।

1...डायरी------

आज का दिन भी रोजमर्रा की तरह गुजर गया । 

हालांकि यू टयूब चैनल पर दो विडियो अपलोड की ।

चार पांच साल पहले की तरह आज फिर से प्रोटीन 

खानी शुरू कर दी । 

कोशिश रहेगी की किसी भी दिन नागा ना हो ।

प्रोटीन में चने , सोयाबीन  , मूँग की छिलके वाली दाल 

भिगो कर सलाद के साथ शुरू की ।

लेकिन व्यायाम करना अभी शुरू नहीं किया है ।


Expanses-----

1...Rs.12 musk

2...rs.5 Parle G

3...Rs 69 Bike Petrol 

4...rs 35 Provisions 




Monday, September 25, 2023

अगर मैं तम्बु में ना रहता होता तो जीवन में कभी पूर्ण मनुष्य ना बन पाता......

25 सितम्बर 2023

मास्टर मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान 


अगर मैं तम्बु में ना रहता होता तो 

जीवन में कभी पूर्ण मनुष्य ना बन पाता


दोस्तों 

मै 12 जुलाई  2023 रात से एक 

सामान्य तम्बु में रह रहा हूँ ।

अगर मैं तम्बु में ना रहता होता तो 

जीवन में कभी पूर्ण मनुष्य ना बन पाता 

और तम्बु में रहने वाले करोड़ो लोगों के 

दर्द को महसूस ना कर पाता ।


शायद मेरे जीवन में यही एक तजुर्बा बचा था ।

सावन की बरसात और भादों की तेज गर्मी 

मैंने महसूस की है ।

बार बार कुत्ते और पिल्लों का अदर गढ्ढे कर जाना ।

पानी को वजन से ढक के रखना ।

रेतीली जमीन पर खाना बनाना ।

बरतनों व खाने को कुत्तों और पिल्लों से ढक कर रखना ।

कहीं जाने से पहले प्रत्येक चीज को को तम्बु के अंदर छुपा

के रखना और कीमती चीजों को पडोसियों के घर 

रख कर जाना ।

शाम को तम्बु में आते ही पडोसियों के घर से कीमती चीजे 

उठा कर  लाना ।

तेज हवा में तम्बु का यूँ  उड जाना ।

लोगों का मेरे ऊपर हँसना ।

धर्म के नाम पर लाखों का दान करने वाले बड़े बड़े 

दानियो और राजनेताओं का सुबह शाम रोज मेरे 

तम्बु व गरीबी को देख कर नजरें फेर कर निकलना ।

बड़े बड़े धर्म के दानियो और राजनेताओं का 

रोज पास में सटे हुए सैय्यद बाबा की मजार पर प्रशाद चढ़ना 

व और अधिक अमीर बनने की मुराद माँगना ।

मेरे रिशतेदारों का रोज कहीं ना कहीं

हजारों का लेन देन करना ।

और मेरे हमदर्दो का नित्त कोई नया कारोबार शुरू करना ।

अगर मैं तम्बु में ना रहता होता तो 

जीवन में कभी भी करोडों तम्बु में रहने वाले 

लोगों का दर्द ना महसूस कर पाता ।

और मैं कभी भी एक पूर्ण मनुष्य ना बन पाता.....

अगर मैं तम्बु में ना रहता होता तो......

जारी है.......



25 September 2023 Personal Diary Shayari Master Mukhtyar Singh Karnawal Alwar Rajasthan

 

Personal Diary Shayari 

Master Mukhtyar Singh Karnawal 

Alwar Rajasthan 

Date  25 September 2023   Monday 

अस्सु महीना = 8 नानकशाही सम्वत 555


त्यौहार = राजस्थान का रामदेव जयंती के मेले का अवकाश

 

MY life is an open book anyone can read it 

and I want to be read by the world.

मेरा जीवन एक खुली किताब है जिसे कोई भी पढ़ सकता है 

और मैं चाहता हूँ कि जमाना मुझे पढें ।


आछ का सारा दिन बहुत बिजी था । कल और परसों बरसात 

होने के कारण घर की सारी चीजें अस्त-व्यस्त हो गयी धी ।

इसलिए आज का सारा 



Expanses-------

1....Rs=400 For bike servie 

2....Rs=45 onion , Coalgate Teeth brush , Willklinsin blade's 

3...Rs = 17 milk+ parle G

4...Rs = 736 Pawan Traders

5...Rs = 110 Khatka ball pen box

6...Rs = 30 Red small pens packet 

Rs...73 = for Grams , soyabean , moong pulse

7...Rs..100 Bike  Petrol 

8...Rs....30  meal in Alwar 

9..rs..10. .Tea in Alwar 

10...rs..19...Bulb 


Sunday, September 24, 2023

24 September 2023 Personal Diary Shayari Master Mukhtyar Singh Karnawal Alwar Rajasthan

 24 September 2023 Personal Diary Shayari 

Master Mukhtyar Singh Karnawal 

Alwar Rajasthan

Assu Month 7  (Nanakshahi Samavat 555)


24  सितम्बर 2023 पर्सनल डायरी शायरी 

मास्टर मुखत्यार सिंह अलवर राजस्थान  

Sunday  रविवार 

अस्सु महीना 7   (नानकशाही सम्वत 555)


Diary.....

I am at Alapur village in Alwar there I came 

From Bharthari Dham fair last night.


Today I got up late coz I went to bed late.

I had my lunch at Babali Singh's  (Krishan)

S/O late Jarnel Singh. May they get more.

I had my evening food at my cousin sister home 

Paramjeet Kaur W/O Bhagwan Singh. 

May they get more.

रात को लेट भर्तृहरि मेले मे वापिस आने के कारण सुबह 

देर से उठा । आज का पूरा दान अलापुर गाँव में गुजर गया ।

सुबह का खाना क्रिशन सिंह उर्फ बली के घर से व शाम का 

खाना बहन परमजीत कौर के घर से अलापुर गाँव में ही

खाया । वाहेगुरु उनको घणा दे ।

आज भी हमारे गाँव में दोपहर को जम के बरसात हुई ।

शाम को बाईक पर घर आया व रात का खाना अपने घर 

पर स्वयं पका कर खाया ।





Saturday, September 23, 2023

23 September 2023 Personal Diary Shayari Master Mukhtyar Singh Karnawal Alwar Rajasthan in Bharthari Dham.

 23 September 2023       Saturday 

अस्सु महीना 6    (नानकशाही सम्वत 555)

भर्तृहरि का सालाना मेला अलवर राजस्थान 


मेरा जीवन एक खुली किताब है जिसे कोई भी पढ़ सकता है 

और मैं चाहता हूँ कि जमाना मुझे पढें ।


रोज़मर्रा की तरह स्कूल गया । मेरा और महेन्द्र सिंह का 

आज स्कूल के बाद भर्तृहरि के मेले में जाने का कार्यक्रम था ।

इसलिए मैं स्कूल से 12 बजे  ही निकल लिया ।

लेकिन एक बजे फोन करने पर पता चला कि महैन्द्र सिंह 

सुबह बाईक से गिर गये थे व उनके हाथों की नसें सुन हो 

गयी हैं । इस कारण मुझे अकेले ही जाना पड़ा ।

घर से दोपहर  3 बजे वाया दादर घर से बाईक पर शुरू हुआ ।

रास्ते में काफी बरसात  हुई ।

अलापुर में महेन्द्र सिंह का हाल चाल पूछने के बाद शाम 

4:45 p.m. पर  अकेले ही भर्तृहरि मेले के लिए रवाना हुआ ।

चार किलोमीटर पहले ही पार्किंग में बाइक को रोक दिया गया ।

एक घंटा बाइक से व एक घंटा पैदल लगा ।

भीड़ कम हो रहीं थी ।

दर्शन आसानी से हो गये । 

खाने पीने की भण्डारों में फुल सुविधा धी ।

दो लाठियाँ खरीदी ।

प्रत्येक लाठी की कीमत 120  रूपये थी ।

करीब एक घंटे तक वहाँ पर घूमा फिरा व फोटो खींचे 

व विडियो बनाई ।

फिर वैसे ही एक घंटा पैदल व एक घंटा बाइक पर अलापुर 

पहुचने में लगा ।

अलापुर से कुल पाँच घंटे में आना जाना व दर्शन में लगे ।

रात 10 बजे महेन्द्र सिंह जी के पास पहुँचा ।

यू टयूब चैनल पर वीडियो अपलोड की व सोया ।


 Stationary Shop sale details 

1...home rs. 9

2...School rs.58

Total sale rs.67 only 


Expanses 

1...rs 12 milk 

2..rs.110  bike Petrol for bharthari 

3...rs. 20 bike parking in bharthari 

4...rs 10 donation in bharthari 

5...rs 220 two lathhiyan  दो लाठियाँ 


Total expenses...Rs...372 






Friday, September 22, 2023

22 September 2023 Personal Diary Shayari Master Mukhtyar Singh Karnawal Alwar Rajasthan.

 22 September 2023   Friday 

Personal Diary Shayari Master Mukhtyar Singh 

Karnawal Alwar Rajasthan.

अस्सु महीना - 06  नानकशाही सम्वत (555)


My life is an open book anyone can 

read it and I want to be read by the world.


मेरा जीवन एक खुली किताब है 

जिसे कोई भी पढ़ सकता है 

और मैं चाहता हूँ कि जमाना मुझे पढ़े ।


Dairy--------

सुबह धोड़ा देर से उठा । 

काम पर भी पहुचने में धोड़ी देर हुई ।

रात का बचा हुआ खाना काम पर ले गया जिसे वहाँ पर खाया ।

दोपहर बाद ढाई बजे घर पहुँचा ।

दोपहर को घर घर पर आराम करते हुए अपनी क्लास के पाठ 

की एक आॅडियो रिकार्डिंग को kinemaster app से 

वीडियो में convert करके अपने यू टयूब चैनल पर 

अपलोड किया ।

अब एक नियम बना दिया है कि रोज एक विडियो अपने 

यू टयूब चैनल पर बिना नागा किये अपलोड करनी  है ।


सफलता पाने के लिए खरगोश तरह तेज दौड़ लगाने 

की बजाय कछुआ चाल बेहतर है । 


शाम को बर्तन माँजे और चाय बना कर पी ।

शाम को कुछ कपड़े धोये व स्नान किया ।

दुकान से राशन लाया व रात 9 बजे  

मास्टर मुखत्यार सिंह अलवर राजस्थान 

फेसबुक फैन्स पर लाईव आया । 

जिसमे चर्चा का विषय था "भारत व कनाडा में तनाव क्यों ?"

उसके बाद सब्जी बनाई व रोटी पकाई ।

आज का व कल सुबह का खाना भी एक साथ बना लिया 

ताकि सुबह बिना लेट हुए खाना साथ ले जा सकूँ ।

रात साढे ग्यारह बजे चाय बना कर पी और फिर ऑनलाइन 

डायरी लिखना शुरू किया जिसे पढ़ रहे हैं ।

शुक्रिया......


Expanses.......

1....rs.12 milk

2...rs...32  Provisions

3 ...rs.5 parley G

Total..rs..47


School shop sale

Rs. 33 only 





Thursday, September 21, 2023

21 September 2023 Personal Diary Shayari Master Mukhtyar Singh Karnawal Alwar.

 Personal Diary Shayari 

Master Mukhtyar Singh Karnawal Alwar Rajasthan 

Date 21 September 2023 ----- Thursday 

अस्सु महीना 5  (नानकशाही सम्वत 555)


My life is an open book and anyone can read it.

मेरा जीवन एक खुली किताब है जिसे कोई भी पढ़ सकता है।


I want to be read by the world.

मैं चाहता हूँ कि जमाना मुझे पढ़े ।

I welcome The  Untted States Of America in my

  Personal Dairy Shayari  because after India 

 it's the second largest country where  my 

Personal Dairy is being read. 

Though there are so many other countries 

are too where my Diary is being read. 

Thanks to each country.

Please do write something into the comment 

box.  I'll be your grateful.


मेरी पर्सनल डायरी शायरी में संयुक्त राज्य अमेरिका का 

स्वागत है  क्योंकि भारत के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका में 

मेरी पर्सनल डायरी सर्वाधिक पढीं जा रही है । 

हालाँकि कई और देश भी हैं जहाँ मेरी डायरी पढी जा रही है ।

सभी देशों का धन्यवाद ।

कॄप्या कमेन्ट बाॅक्स में जरूर कुछ लिखा करे । 

आपकी अति कृपा होगी ।


Diary ---------

हालांकि मैंने अपने जीवन में बहुत कठिन से कठिन समय 

देखा है लेकिन सितम्बर 2023 महीना अब तक के मेरे 

जीवन का सबसे बिजी महीना है ।

सुबह तैयार होकर बिना खाना, लिए काम पर गया ।

दोपहर दो बजे बाद घर पहुँचा । 

कड़कती धूप एवं गर्मी में तीन बजे से साढे चार बजे तक 

अपने तम्बु में स्वयं ने खाना बनाया खाया । 

कक्षा 10 की ऑडियो रिकार्डिंग को Kine Master App 

से विडियो में बदल कर  अपने यू टयूब चैनल पर अपलोड किया ।

शाम को माँ के घर जाकर एक जोड़ी कपड़े प्रेस किये ।

रात 9 बजे अपने मास्टर मुखत्यार सिंह अलवर राजस्थान 

फेसबुक पेज पर डेली का लाईव कार्यक्रम किया ।

उसे अन्य शोशियल मीडिया पर वायरल शेयर किया ।

रात साढे दस बजे बर्तन माँजे ।

रात ग्यारह बजे चा बना कर पी और फिर ऑनलाइन डायरी

लिखी जो आप पढ़ रहे हैं ।

Though  I have  seen the difficult and hard time

In my life but September 2023 month is the

 busiest month in my life ever I have seen.


I got up early in the morning then I went on 

My daily work in a school without taking my

 unch with me  I didn't have breakfast except 

A cup of tea only.

It was scorching hot.

I prepared food in the scorching hot in my tripaal 

(Tambu home) on my own.

It took 3 pm to 4:30 pm.

Then I  went at my parental home.

I converted my audio teaching Class to video

In kinemaster app then uploaded it on my 

U tube  channel. 

I ironed a pair of clothes.

I started my daily Live programme on my 

Master Mukhtyar Singh Alwar Rajasthan

Fans  Facebook page.

Then at 10:30 p.m. I did the dishes and prepared

 tea coz I am in the habit of having tea 

after dinner.

Then at 11 o'clock I started writing Diary online 

What you are reading now

Thank you so much.

Then 

I reached at 2 o clock 

In the afternoon at my home.

It was too hot to prepare food. 







19 September 2023 Personal Diary Shayari Master Mukhtyar Singh Karnawal Alwar Rajasthan

 19 September 2023 

पर्सनल डायरी शायरी 

मास्टर मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान 

मेरा जीवन एक खुली किताब है जिसे कोई भी पढ़ सकता है 

और मैं चाहता हूँ कि जमाना मुझे पढ़े ।


आज किये पाण्डुपोल और भर्तृहरि धाम के दर्शन ।


पूर्व नियोजित तरीके से आज मैं और मेरे साथी महेन्द्र सिंह 

खालसा निवासी अलापुर हम दोनों ही जो कि अखिल भारतीय

किसान सभा अलवर राजस्थान के जिला संयोजक पद पर 

कार्य कर रहे हैं ।

सुबह करीब दस बजे मेरी स्पैलण्डर प्लस बाईक पर अलवर 

जिले के मशहूर पर्यटन स्थल व लक्खी मेले पाण्डुपोल के 

दर्शनों के लिए एवं वहाँ पर बजरंग बली जी के मन्दिर के

दर्शनों के लिए निकले ।


कहीं पर भी जाना हो हम पैट्रोल आधा आधा कर लेते हैं ।

अलापुर गाँव से पाण्डुपोल की दूरी करीब 40 किलोमीटर की है ।

सभी श्रद्धाआलुओं की बाईक व कारों को पुलिस प्रशासन 

के द्वारा सरिस्का गेट पर रोक दिया गया क्योंकि वहाँ से बसों 

में जाना ही अलाउ था । 

एक सवारी का एक तरफ का किराया 11 रूपये था ।

फिर हम बस में सवार होकर पाण्डुपोल पहूँचे । 

वहाँ पर मैंने कई फोटो खींचे व विडियो बनाई । 

नेट काम नहीं कर रहा था इसलिए लाईव कार्यक्रम 

नहीं कर पाया ।

हमने भण्डारे में से खाना खाया , चाय पी व बजरंग बली जी के

 मन्दिर के दर्शन किये । 

ऐतिहासिक पर्यटन स्थल पाण्डुपोल को देखना 

सुरक्षा कारणों से मना धा ।


वहाँ पर हमारी मुलाकात बाम्बोली निवासी 

मास्टर फूल सिंह जी से हुई ।

वहाँ से करीब हम दो बजे बस द्वारा वापिस चले ।

सरिस्का गेट से अपनी बाईक उठाने के बाद 

हम सरिस्का पैलेस होटल देखने गये 

लेकिन आमजन के लिए अंदर जाना मना था ।

वापिस आते वक्त हम भर्तृहरि धाम गये 

जहाँ पर हमारी मुलाकात लालपुरी निवासी 

अशोक चौधरी जीसे हुई । 

उन्होंने लालपुरी गाँव की तरफ से धर्मान्ध प्याऊ 

लगा रखा था । 

अशोक जी ने हमारी बहुत इज्जत मान की 

व हमे चाय पिलाई ।

हमने भर्तृहरि धाम के व भर्तृहरि गुफा के दर्शन किये 

व मैने अपने यू टयूब चैनल के लिए कई विडियो बनाई 

व फोटो खींचे ।

अंधेरा होने तक हम वापिस अलापुर गाँव पहुँचे ।

महेन्द्र सिंह को उसके गाँव छोड़कर रात साढे आठ बजे 

मैं अपने गाँव व घर पहूँचा ।

 

यह पाण्डुपोल का मेरा तीसरा चक्कर था ।

इससे पहले मैं सन् 1999 एवं सन् 2016 में 

स्कूलों के टूर के साथ दो चक्कर लगा चुका हूँ ।


Expanses 

1...Rs...160 bike Petrol 

2...rs..20 fare sarika gate to pandupol  up and down 

3...rs.24 Milk 


पर्सनल डायरी शायरी 

मास्टर मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान 

दिनाँक 19 सितम्बर 2023.





Wednesday, September 20, 2023

20 सितम्बर 2023 पर्सनल डायरी शायरी मास्टर मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान

 Personal Diary Shayari 

Master Mukhtyar Singh Karnawal Alwar Rajasthan 

20 September 2023  , Wednesday.

अस्सु महीना 4  ( नानकशाही सम्वत 555 )

मेरा जीवन एक खुली किताब है जिसे कोई भी पढ़ सकता है 

और मैं चाहता हूँ कि जमाना मुझे पढ़े ।

My life is an open book. Everyone can read it.

I want to be read by the world.


Dairy 

आज का दिन भी रोजमर्रा की तरह गुजर गया ।

सुबह जल्दी उठकर काम पर गया । 

दोपहर 2:00 p.m. पर वापिस घर पहुँचा । 

स्वयं खाना पकाया और तीन बजे खाना खाया ।

अपने यू टयूब चैनल के लिए ऑडियो को विडियो में 

Kine Master App से Convert किया व उसे मेरे 

यू टयूब चैनल पर अपलोड किया ।

शाम को मार्किट जाकर राशन लाया ।

बाईक में पेट्रोल डलवाया और फिर पानी भरा ।

रात नौ बजे मास्टर मुखत्यार सिंह अलवर राजस्थान 

फेसबुक पेज पर लाईव कार्यक्रम किया 

उसे फेसबुक अंर वाट्स एप ग्रुपों में शेयर किया 

बर्तन माँजे और दोपहर का बचा हुआ खाना खाया ।

सुबह से लेकर रात तक पाँच  बार चाय स्वयं बना कर पी ।

रात 11:45  पर फ्री होकर ऑनलाइन डायरी लिखना 

शुरू किया ।

आज तो जबरदस्त गर्मी थी ।


Expanses --------

1...rs 110 bike Petrol 

2...59 Provisions 

3....rs.15 Samosa


विचार  Thoughts 

आजकल मेरा जीवन बहुत ही संघर्षमयी है ।

जुलाई से सितम्बर तक पूरे तीन महीने कडकती धूप में मै 

कभी दोपहर को सोया नहीं ।

संघर्ष तो मैं बचपन से ही कर रहा हूँ पर आज मेरे मन में एक सवाल उठा कि पहले वाला संघर्ष ज्यादा कठिन था या हाल के दो सालों का ज्यादा कठिन ।

इसका सही उत्तर मेरे पास नहीं है  ।

हजारों विचार एक दार्शनिक की तरह मन में उठ रहे हैं ।

उन्हे लिखना चाहता हूँ लेकिन क्या करूँ 

रात साढे बारह बजे का वक्त हो गया है ।

और आँखें सोने के लिए मचल रही हैं ।


काश मैं और लिख पाता ।

I wish I could write some more.


Thanks 


Monday, September 18, 2023

18 September 2023 Personal Diary Shayari Master Mukhtyar Singh Karnawal Alwar Rajasthan

 18 सितम्बर 2023 पर्सनल डायरी शायरी 

मास्टर मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान

मेरा जीवन एक खुली किताब है जिसे कोई भी पढ़ सकता है....

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डायरी -‐-----

आज कई स्कूलो में हैडमास्टर पावर का अवकाश है  । आज मौसम बड़ा सुहावना है । पिछले दो दिनों से ठण्डी हवाये चल रही है । हल्की बारिश होती रहती हैं । आज का सारा दिन नहाने  , कपड़े धोने , एक जोड़ी कपड़े प्रेस करने व खाना बनाने में गुजर गया । आजकल फिर से ब्लॉगर पर डायरी लिखना शुरू कर दिया है और फेसबुक पर डेली लाईव कार्यक्रम शुरू कर दिया है इसी वजह से और अधिक बिजी हो गया हूँ ।

कल पाण्डपोल के मेले पर जाने का इरादा है देखो क्या होता है ।


शायरी-------

मै झूठ बोलना पसंद नहीं करता 

लेकिन कभी-कभी लोग मजबूर कर देते हैं 

छोटे मोटे झूठ बोलने के लिए ।

Expanses 

Rs...100 Bike Petrol 

Rs.20 Getting the flour grinded 




Sunday, September 17, 2023

17 सितम्बर 2023 पर्सनल डायरी शायरी मास्टर मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान

 

पर्सनल डायरी शायरी 

मास्टर मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान

दिनाँक 17 सितम्बर रविवार 2023 

मेरा जीवन एक खुली किताब है जिसे कोई भी पढ़ सकता है ।


पर्सनल डायरी------

आज रविवार होने के कारण लेट उठा क्योंकि पिछली रात 1:00 बजे तक शोशियल मीडिया फेसबुक व बलाॅगर पर डायरी लिखने में व्यस्त रहा ।

सुबह खम्बे पर चढ़ कर बिजली की तार सही की ।

जिन्दगी के संघर्ष में सारे पापड़ बेल लिए बस एक खम्बे पर चढ़ने वाला पापड़ बचा था जिसे आज बेल लिया ।

दोपहर को स्वयं ने खाना बनाया । 

रात 09 : 00 बजे फेसबुक पेज पर लाईव चर्चा की ।

चर्चा का विषय---पैसा  , रिश्ते नाते और परमात्मा इन तीनों में आपका साथ कौन देता है  ?

आज 17.09.2023 को विक्रमी सम्वत 2080 व नानकशाही सम्वत 555 के अस्सु (अश्विनी) महीने की सभी दोस्तों को हार्दिक शुभकामनायें व बधाईयाँ हों । 

आज शेविंग भी की ।

आजकल शोशियल मीडिया , घर का काम , स्कूल और अखिल भारतीय किसान सभा जिला अलवर राजस्थान में सदस्यता करने के काम के कारण बड़ा व्यस्त अर्थात Hectic Schedule चल रहा है ।

मन में एक दार्शनिक की तरह लाखों विचार उठते रहते हैं ।


भै चाहता हूँ कि मुझे जमाना पढें ।


शायरी  विचार 

जब बाहर वाले मारते हैं तो घरवाले बचाते हैं ।

जब घरवाले मारते हैं तो बाहर वाले बचाते हैं ।

जब सब मारते हैं तो फिर सिर्फ वाहेगुरु (ईश्वर) ही बचाता है ।

इसलिए अब  मैंने दुनिया के साथ सिर्फ मतलब के रिश्ते ही रखने शुरु कर दिये हैं ।

ऐसे मुश्किल समय में महेन्द्र सिंह खालसा  , मित्र लोकेश शर्मा  , मित्र धर्मपाल चौधरी और जीजा भगवान सिंह का आर्थिक व दिली सहारा मिलता रहता है ।

सच्चे मन से तो बस अब उस बचाने वाले वाहेगुरु से ही रिश्ता है ।

आपका अपना 

मास्टर मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान 

दिनाँक  17 सितम्बर 2023.  

Saturday, September 16, 2023

16 September 2023 Personal Diary Shayari Master Mukhtyar Singh Karnawal Alwar Rajasthan

16 September 2023 Personal Diary Shayari

Master Mukhtyar Singh Karnawal Alwar Rajasthan

डायरी------

आज दोपहर से शाम तक बरसात होती रही । 


शायरी-------

नेता उन्हें वोट बैंक या समर्थक कहते हैं ।

धार्मिक संत उन्हें भक्त कहते हैं ।

गुरद्वारे में उन्हें संगत कहते हैं ।

बाबा उन्हें श्रद्धालु कहते हैं ।

स्टार उन्हें फैन्स कहते हैं ।

बिजनेस मैन उन्हे उपभोक्ता या कस्टमर्स कहते हैं ।

डाॅक्टर उन्हें मरीज कहते हैं ।

टीचर उन्हें स्टूडेंट कहते हैं ।

लेखक उन्हें पाठक कहते हैं ।

वाहन मालिक उन्हें सवारी कहते हैं ।  

यू टयूबर्स उन्हें सब्स्क्राइबर्स कहते हैं ।

और फेसबुक पर उन्हे फॉलोवर्स कहते हैं  

और मैं उन्हें प्रभु या ईश्वर कहता हूं ।





Friday, September 15, 2023

13.09.2023 मास्टर मुखत्यार सिंह पर्सनल डायरी

 वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह 

100 रूप्पली का लौवर व 100 रूप्पली की टी शर्ट पहने वाले कँजूसो के 1000 रूपये की पेन्ट शर्ट का कपड़ा व 500 रूपये की सिलाई बच जाती है ।

In the morning I put on new stitched dress.

It's too hot to bear today.

It's a sweltering hot today.

I prepared press release about the membership of The All India kisan sabha Alwar Rajasthan in my social media.

Total Expanses Rs.74 only.

Washed the clothes. 

Saturday, May 6, 2023

MAY 2023 कपड़े प्रेस क्यों किये जाते हैं ? मास्टर मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान


4...कपड़े प्रेस इसलिए किये जाते हैं ताकि कपडों में जितने भी

 Germs कीटाणु होते हैं वो तपन से मर जायें हैं लेकिन सबसे

 ज्यादा कीटाणु निक्कर बनियान में होते हैं । 

कितने लोग हैं जो अन्डर गारमैन्टस को प्रेस करते हैं  ?

27.05.2023


3...हाल ही में टिल्लु ताजपुरिया , अतीक अहमद और सिद्धु

 मूसेवाला की गैंगवाॅर में हुई हत्याओं और रूस - यूक्रेन युद्ध से 

ऐसा लगता है कि पूरी दुनिया ही एक गैंगवाॅर में उल्झी हुई है ।

अपने ही पराये हो जातें हैं और पराये अपने हो जाते है । 

कभी-कभी लगता है कि जैसे हर घर के अन्दर हर दिन एक 

अजीबोगरीब गैगवाॅर हो रहा है ।    《06.05.2023》





2...जो चुने हुए (Selected) काम को करे उसे वर्कर 

(Worker) कहते हैं और जो हर काम को करे उसे नौकर 

(दास) कहते हैं । 

वैसे दुनिया में दास प्रथा आज भी पायी जाती है ।

कुछ लोगों को दास बनाने का शौक होता है और 

कुछ लोग मजबूरी या लालच में दास बनते हैं ।

03.05.2023



 1...आजकल के लड़को के पास एक फटी जिन्स और एक

 बनियान टाईप टी शर्ट ही पहनने को होती हैं ।

एक पैन्ट व एक अच्छी शर्ट पहनना 

उनके बस की बात नहीं । -----  03.05.2023

Thursday, April 27, 2023

How I started writing 'Blogs' मैंने लेखन कैसे शुरू किया 'ब्लॉग्स' (Part 02)

मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान 
How I started writing Blogs (Part 02)
मैंने ब्लॉग्स लिखना कैसे शुरू किया (भाग 02)
Date-14.05.2021

 ......फिर सितंबर 2018 में मैंने एंड्रॉयड फोन लिया जिससे इंटरनेट में मेरा परिचय पहली बार हुआ जो कि बहुत लेट था शुरू के 2 सालों में मैं  मेरे वाॅट्स एप ग्रुप , मेरे व्यक्तिगत यू ट्यूब चैनल , इंस्टाग्राम , ट्विटर, और फेसबुक पर काम करता रहा अतः फेसबुक पर ज्यादातर रोज लाइव कार्यक्रम करने पर काफी चर्चित हुआ । सभी शोशियल मीडिया के अकाऊंट मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान के नाम से बने हुए हैं । कभी मैं फेसबुक शब्द सुनने कर घबरा जाता था लेकिन अब फेसबुक पर मेरे ही चर्चे थे ।
 15 अप्रैल 2021 से  कोरोना (Covid -19) के कारण स्कूल बंद होने से मैं यू ट्यूब पर प्राइम एशिया टीवी के यू ट्यूब पंजाबी कार्यक्रम "चज दा विचार "कार्यक्रम को देखने सुनने लगा जिसके प्रस्तुत करता हरमन थिन्त और स्वर्ण सिंह ढैणा है । जो पंजाबी गायकों व गीतकारों के इन्टरव्यू दिखाते हैं । जिसमें मैंने कई पंजाबी गायकों व गीतकारों अर्थात लेखकों शायरों के इंटरव्यू सुने उनमें मुख्य रूप से पुराने गीतकारों से लेकर नए गीतकारों को सुना जिनमें जिसमें मुख्य रूप से पुराने सन्  1965 से  लिख रहे पंजाबी लोक गीतकार बब्बू सिंह मान मराड़ा वाले से मुझे गीत शायरी व आर्टिकल्स लिखने 
की प्रेरणा मिली । जिन्होंने शुरू में कई पंजाबी गायकों के लिए लिए गीत लिखे लेकिन बाद में पंजाबी सुपरहिट गायक कुलदीप माणक , मौहम्मद सदीक (वर्तमान में लोक सभा सदस्य (M.P.) फरीदकोट पंजाब काँग्रेस पार्टी) सुपरहिट गायक व वर्तमान में बीजेपी के टिकट पर लोकसभा सदस्य उत्तर पश्चिमी दिल्ली (M.P.) हँस राज हँस और  हरभजन मान के लिए सैकड़ों गीत लिखे । वैसे कुल में उनके गीतों की संख्या हजारों में है । उसके बाद में उन्होंने हिन्दी फिल्मों में जाने माने गायक सुखविंदर के लिए गीत लिखे ।
गौरतलब है कि सुखविंदर ने शाहरुख खान के लिए "चल छईयाँ छईयाँ" सुपरहिट गीत से लेकर भारत की पहली ऑस्कर अवार्ड जीतने वाली मूवी स्लॅमडॉग मिलिनेयर के लिए सुपरहिट साँग "जय हो" को भी गाया तथा इसी गीत ने गायन क्षेत्र में 2009 में ऑस्कर अवार्ड जीता जिसका संगीत ए. आर. रहमान के द्वारा दिया गया है  । उनका लिखा गीत शाहरूख खान की मूवी "चलते चलते" में तेरी मेरी एँ टुट गई जिवें टुट्टया अरश तो तारा.... भी काफी मकबूल हुआ है  ।
  
  खैर बब्बु सिंह मान मराड़ा  वाले ने उस इन्टरव्यू में कहा कि कोई विचार हमारे सामने एक हवा के झोंके की तरह आता है यदि हमारे पास अच्छी शब्दावली है तो हम उसे तुरंत कागज पर उतार सकते हैं अतः एक अच्छे गीतकार या लेखक को साहित्य जरूर पढ़ना चाहिए जिससे हमारी शब्दावली और मजबूत होती है और यदि हमारे पास शब्दावली है तो हम बाद में हवा की तरह आए उस विचार (मुखड़े) को शेर या गीत का रूप दे सकते हैं
उनकी इसी बात से मुझे लिखने की प्रेरणा मिली क्योंकि मेरे अंदर बहुत से विचार आते रहते थे । 
दोस्तों यहाँ पर मैं इस बात को भी स्पष्ट कर दूँ कि मैं इस लेख में पंजाब के लोकप्रिय गायक व गीतकार बब्बु मान (सौण दी झड़ी व मितराँ दी छतरी ते उड गई ) गीतों को गाने वाले की बात नहीं 
कर रहा हूँ जो कि मेरे भी पसंदीदा कलाकारों में से एक है ।
यहाँ पर मैं बब्बु सिंह मान मराड़ा वाले गीतकार व लेखक
की बात कर रहा हूँ । 
बाद मैंने कई पंजाबी गीत कारों के इंटरव्यू सुने जिनमें मुख्य रुप से 
2. बलवीर बोपाराए  (दे दे गेड़ा शौक नाल रकाने गोरीये....के रचयिता व गायक )
3. देबी मख्सूसपुरी
4. गुरपाल सिंह सन्धु संगदिल (47 संगदिल)  बुल्लट ताँ रक्खी है पटाके पाऊन नूँ .....गीत के रचनाकार
5. भिन्दर डबवाली (स्वर्गीय गायक धर्मप्रीत) व अन्य पंजाबी गायकों के लिए दर्द भरे गीत लिखने वाला  
6. रमेश बरेटा , 
7. बचन बेदिल (लक्क ट्वेंटी एट कुड़ी दा फौर्टी सेवन वेट कुड़ी दा सुपरहिट गीत के लेखक) और मेरे दिल् के करीब दर्द भरे गीत गाने वाले गायक रणजीत मणी के लिए ज्यादा गीत लिखने वाले ।
8.  देव थरीके वाला सबसे ज्यादा कुलदीप माणक के लिए कलियाँ लिखने वाला व हर पंजाबी गायक के लिए हजारों गीत लिखने वाला पुराना गीतकार जिन्ह  आज खुद याद नहीं कि यह गीत भी उसी ने ही  लिखा है । जब गाने के अंतिम अंतरे (stanza) में उनका नाम "देव थरीके वाला" आता है तो उन्हें यकीन आता है  कि हाँ यह गीत भी उनहोंने ही 1970 या फलाँ सन में फलाँ गायक
के लिए लिखा था।   
9. दविन्दर खन्ने वाला (नच्ची जो साडे नाल ओहनूँ दिल वी देआँगे) गीत के रचयिता जिसे हँस राज हँस ने गाया था ।
10. विनोद शायर पुरी वाला  (नी तूँ विछड़न विछड़न करदी हैं जदों विछड़ेगी पता लग जाऊगा) सुपरहिट गीत के रचयिता ।
11.पाली देतवालिया
12...व और बहुत  सारे लेखक.........  
   
लेकिन बब्बु सिंह मान मराड़ा वाले के इन्टरव्यू को सुनकर मैंने 
फैंसला किया कि अब मैं भी गीत लिखूँगा और पंजाबी गायकों तक अपने गीत पहुँचाऊँगा । इसके साथ मैंने लगभग सभी प॓जाबी गायकों के भी इन्टरव्यू सुने यदि मै उनके नाम लिखूँगा तो लिस्ट बहुत लम्बी हो जाएगी । लेकिन इतना बताना आवश्यक है कि पुराने पाकिस्तानी पंजाबी गायक आलम लुहार से लेकर नये सुपरहिट व मेरे फैवरिट पंजाबी गायक आर नैट  (R-Nait) तक के इन्टरव्यू को सुना ।  उसके बाद जैसे ही मैंने गीत लिखना शुरू किया तो मेरी गीतकारी शायरी में बदल गई अतः जीवन के अनुभवों व आप बीती डायरी अतः आर्टिकल लिखने में रुचि लग गई यह 3 मई 2021 की बात है अब तक मैं कुछ शायरी लिख चुका धा ।
 तभी मैंने सोचा क्यों न इसे सोशियल मीडिया पर किसी ऑथेंटिक साधन पर लिखा जाए जहां लेखकों की कद्र भी होती हो मैंने गूगल पर वह यू ट्यूब पर "वेयर टू राइट योर थॉट्स ?" (अर्थात अपने विचार कहाँ पर लिखें ?) आदि डालकर सर्च करने की कोशिश की तो कुछ ब्लॉग्स , ब्लॉगिंग , ब्लॉगर  जैसे शब्द आए लेकिन जैसे ही मैंने उन्हें पढ़ा एक बार फिर से मै चौंक गया क्योंकि सन 2015 में हुई बांग्लादेशी ब्लॉगर्स की हत्याओं का दृश्य मेरे सामने आ गया ।
फिर भी मैं उन शब्दों को समझना चाहता था परंतु मुझे लगा कि शायद यह बहुत बड़ा और टैक्निक्ल व बहुत मुश्किल तथा मेरे जैसे कम्प्यूटर से अन्जान व्यक्ति के बस का काम नहीं है । इसलिए मैंने उसे ज्यादा समझने में ज्यादा रुचि नहीं ली और अपनी रफ काॅपी उठाकर शायरी लिखने लग गया । फिर दो दिन बाद मुझे एक फेयर रजिस्टर की आवश्यकता पड़ी क्योंकि अब तक मैं काफी कुछ रचनाएं लिख चुका था अतः मैंने सोचा कि भविष्य में अगर इन्हें किसी पब्लिकेशंस को देना है तो एक फेयर रजिस्टर बनाना होगा अतः मैं 06 मई 2021  को हमारे बहाला स्टैण्ड (एम आई ए) के अपने एक परिचित स्टाफ सदस्य मित्र जितेंद्र कुमार के पास उनकी स्टेशनरी दुकान पर फेयर रजिस्टर लेने गया जो कि पेशे से एक अध्यापक भी हैं और जे. के. कंप्यूटर एण्ड कोचिंग इन्स्टीट्यूट चलाते हैं और स्वयं भी एक अध्यापक हैं । 
रजिस्टर तो मैंने दो खरीद लिए लेकिन जब मैं वापस आने के लिए उठने लगा तो मैंने अचानक उनसे पूछ लिया कि सर यह जो मैं लिख रहा हूं क्या आप मुझे यह बता सकते हैं कि अलवर शहर में कोई 
बुक्स का प्रकाशन करता है क्योंकि आने वाले समय में मैं अपनी लेेखनी को प्रकाशित करवाना चाहता हूँ ।  अतः आज कल मैं इस लेखनी को फेसबुक पर लिख रहा हूं ।
 तो उन्होंने  तुरंत कहा  कि आप ब्लॉग्स लिखो जहां पर आपकी लेखनी का मोल भी होगा अतः आपके लेखों शायरी पर आपका ही नाम होगा अतः आपके विचार चोरी नहीं होंगे इसे यूं ही फेसबुक पर मत लिखो क्योंकि मेहनत आप कर रहे हो और फेसबुक पर फायदा कोई और उठाएगा आप ब्लॉग्स क्यों नहीं लिखते  ?  आपको अपनी शायरी, आर्टिकल विचार और पर्सनल डायरी 'ब्लाॅगर' पर लिखनी चााहिए । 
ब्लॉग शब्द सुनते ही मैं एक बार फिर से चौंक गया क्योंकि यह शब्द मेरे कानों में 2015 से गूंज रहा था कि यह कितना प्रभावशाली माध्यम है । अब तक मुझे जितेंद्र कुमार जी पूरी तरह से समझा चुके थे कि लिखने का ब्लॉगर ही एकमात्र डिजिटल साधन है उस दिन हमें  इस विषय पर चर्चा करते हुए काफी समय हो गया अतः मैं अपनी ब्लॉगर की आईडी नहीं बनवा सका और मैंने जितेंद्र सर से कहा एक-दो दिन में मैं फ्री टाइम में फिर  आऊँगा । 
उसी दिन घर पर आकर मैंने यू ट्यूब पर ब्लॉगिंग के बारे में समझने के लिए कई वीडियोज देखी और ठीक दो  दिन बाद 8 मई सन 2021 को जाकर जितेंद्र जी से अपने मोबाइल पर मेरा ब्लॉगिंग का अकाउंट  मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान  "पर्सनल डायरी एंड शायरी" के नाम से बनवा लिया अतः उसी दिन आकर मैंने रात के 3:00 बजे तक ब्लॉग्स पर काम किया व कई शायरी रचनाएं लिखी । अतः अब मैं पहले की तरह  ब्लाॅगर शब्द से चौंकने व डरने 
नहीं लगा । 
लिख तो मैं पहले  01.05.2021 से ही रहा था लेकिन बिना समय गवाँए आठ दिन में ही इन्टर नैशनल लेवल  (अंतर्राष्ट्रीय स्तर ) पर सभी प्रकार के बलाॅग्स लिखने लगा । जिसका श्रेय मित्र जितेन्द्र कुमार जी को पूरी तरह से जाता है । और लेखक बनने की प्रेरणा 
का श्रेय गीतकार बब्बु सिंह मान मराड़ा वाले को जाता है ।
और भारत के आलावा विदेशों तक मेरे विचार पहूँचने लगे क्योंकि बहुत सारे  लेख (आर्टिकल्स) को मैं अंग्रेजी विषय का अध्यापक 
होने के कारण व अंग्रेजी भाषा में अच्छी-खासी पकड़ होने के 
कारण अंग्रेजी में लिखने लगा.गया हूँ ............

जारी है................  

दोस्तों बहुत ही जल्दी इस आर्टीकल का भाग 03 आपके सामने हाजिर होगा..........
कैसा लगा दोस्तों कमेन्ट्स कर के बताने की मेहरबानी करना......
उम्मीद करता हूँ कि इस ब्लॉग का मेरे ब्लॉगर अकाऊंट पर भाग
एक भी आप व आने वाले भाग भी आप पढ़ेंगे.......

धन्यवाद 

आपका अपना 
मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान  
गाँव साँखला M.I.A अलवर राजस्थान 
Mail----mukhtyar09081981@gmail.com
Date 15.05.2021
 
  

How I started writing 'Blogs' मैंने लेखन कैसे शुरू किया 'ब्लॉग्स' ( Part 01 )

Mukhtyar Singh Karnawal Alwar Rajasthan

Mail----mukhtyar09081981@gmail.com

11.05.2021

दोस्तों लिखने का शौक तो मुझे बचपन से ही था लेकिन 

व्यस्क होते ही मैं अपनी रोजी-रोटी कमाने में व्यस्त

 हो गया था । और किताबें पढ़ने का शौक भी मुझे बचपन

 से ही था राम चरित्र मानस , महाभारत व पंजाबी साहित्य

की बहुत सारी किताबें व अंग्रेजी साहित्य में  

विलियम शेक्सपियर को भी  मैंने बहुत पढ़ा है ।

लेकिन मैं कम्प्यूटर चलाना नहीं जानता था 

और ना ही मेरे पास कोई  एन्ड्रोएड फोन था । 

हालांकि ज्यादातर लोग उस समय एन्ड्रोएड फोन 

पर इन्टरनेट का प्रयोग करते थे ।

लेकिन मुझे बी बी सी रेड़ियो और वाॅइस आॅफ अमेरिका

 रेड़ियो वॉशिंगटन डी सी का हिन्दी रेड़ियो प्रसारण सुनने का 

शौक बचपन से ही अर्थात 1996 से ही था । 

वाॅइस आॅफ अमेरिका रेड़ियो वॉशिंगटन डी सी का हिन्दी 

रेड़ियो प्रसारण 2008 में बन्द कर दिया गया था जिसका 

मुझे बहुत दुख हुआ था । प्रस्तुतकर्ता अशोक सरीन और 

ममता सिंह की आवाजें आज भी मेरे कानों में गूँजती रहती हैं ।

मेरी इन्टर नैशनल न्यूज जानकारी की यह एक 

अपूरणीय क्षति थीं जिसे आज तक भी भरा नहीं जा सका है ।

लेकिन  फिर भी इस दुखद घड़ी में बी बी सी रेड़ियो की 

हिन्दी उर्दू और अंग्रेजी न्यूज सेवा मेरे साथ बनी हुई थी 

जो कि एक सच्चे मित्र की तरह हमेशा मेरा साथ 

निभा रही थी । मैं बी बी सी रेड़ियो सुबह शाम सुनता था 

और इसलिए अपने आपको एन्ड्रोएड फोन का प्रयोग करने

 वालों से बेहतर समझता था और अपने ऊपर गर्व करता था 

जो कि आज भी करता हूँ ।  फरवरी 2015 में मैंने बी बी सी

रेड़ियो पर एक सनसनी व दिल दहला देने वाली खबर सुनी

कि एक प्रसिद्ध बंगलादेशी अमेरिकन ब्लाॅगर अविजीत राॅय 

की दिन दिहाड़े ढाका में कुछ कट्टर इस्लामिस्ट्स द्वारा बड़े 

जघन्य तरीके से हत्या कर दी गयी ।

और  " बंगलादेश में क्यों हो रही है ब्लाॅगर्स की हत्याँए ? "

इस टाॅपिक पर बी बी सी हिंदी रेड़ियो ने एक रिपोर्ट 

प्रस्तुत की । यकीनन यह खबर अच्छी नहीं थी लेकिन

 ब्लाॅगर्स , ब्लॉग और ब्लॉग राइटिंग यह शब्द मेरे कानों

 ने पहली बार सुने थे ।

उसी दिन मुझे विश्वास हो गया था कि ब्लाॅगिन्ग करना लेखनी 

के विषय में एक बहुत प्रभावशाली तरीका है । 

उसके बाद जब कभी मेरे कान कहीं पर भी ब्लॉग शब्द 

सुनते तो मैं चौंक जाता था और कई बंगलादेशी ब्लाॅगर्स 

की हत्याओं का दृश्य मेरे सामने आ जाता था ।

दोस्तों इस जघन्य कृत्य को कभी भी स्पोर्ट नहीं किया

 जा सकता है । लेकिन कट्टर इस्लामिस्ट्स की

धमकियों के बावजूद भी ब्लाॅगर्स निडर होकर खुले मन से लिख 

रहे थे । लेकिन आज यह लेख लिखने से पहले मैंने वेबसाइट 

पर अविजीत राॅय के उस लेख  "Virus of Faith"

अर्थात "आस्था का जहरीला कीड़ा" को पूरा पढ़ा जिसमे 

वो बड़े कठोर शब्दों में कट्टर इस्लामिस्ट्स के खिलाफ़ 

लिख रहे थे और उन्हें खुले मन से चुनौती दे रहे थे ।  

जिसका नतीजा हमारे सामने है ।

दोस्तों ये पत्रकार और ब्लाॅगर्स सही लिख रहे थे या गलत मैं

इस विषय पर नहीं जाना चाहता । 

लेकिन एक बात सिद्ध हो गयी की लेखक कभी मरते नहीं 

वो अमर हो जाते हैं ।

लेकिन दोस्तों मैं अपनी लेखनी में हमेशा ही नाजुक शब्दों का 

प्रयोग करूँगा । यह कोई डर नहीं बल्कि मेरी शिक्षा दिक्षा ही 

सुन्दर व नाजुक शब्दों को लिखने व बोलने में प्रयोग करने के 

लिए हुई है । कोशिश करूँगा की मेरी लेखनी से किसी भी

वर्ग विशेष व धर्म सम्प्रदाय को कठोर शब्द पढ़ने को ना मिलें।

और दोस्तों मैं आस्तिक हूँ नास्तिक नहीं..........12.05.2021

जारी है ................By Mukhtyar Singh karnawal






Friday, April 14, 2023

14..04.2023 चापलूस बनाम मेहनती

 पर्सनल डायरी शायरी 

मास्टर मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान 


चापलूसो और मेहनत करने वालों में स॓घर्ष हमेशा ही रहा है

लेकिन राज हमेशा चापलूसो ने ही किया है ।

मेहनती तो हमेशा अपने काम में लगे रहते हैं 

लेकिन बाॅस के साथ ठण्डा पीने के मौके सिर्फ 

चापलूसो को ही मिले हैं ।

चमचो चापलूसो को  A.C. की हवा 

और ईमानदारी से मेहनत करने वालों को 

सिर्फ धक्के ही धक्के मिले हैं.......

Thursday, April 13, 2023

13.04.2023 अतीक अहमद के बेटे असद के एनकाउन्टर का सच ???

 पर्सनल डायरी शायरी 

मास्टर मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान 


अतीक अहमद के बेटे असद व एक अन्य शख्स गुलाम का यूपी पुलिस के द्वारा झाँसी में हुआ एनकाउन्टर यह बताता है कि जिनकी खुद की औलाद नहीं होती या जिनकी बीवी नहीं होती ऐसे आवारा लोगों को कभी भी उच्च पदों पर आसीन नहीं करना चाहिए ।

क्योंकि जिनके खुद के बीवी बच्चे नहीं होते वो दूसरों के बीवी बच्चों के दुख को क्या समझेंगे  ?

Tuesday, April 4, 2023

04.04.2023 वो गद्दार हो के भी वफादार हैं । हम वफादार हो के भी गद्दार हैं ।।

 पर्सनल डायरी शायरी  04.04.2023

मास्टर मुखत्यार सिंह अलवर राजस्थान 


वो वफादार हो के भी गद्दार हैं ।

हम गद्दार हो के भी वफादार हैं ।।


कुछ लोग चापलूसी करके अपने मालिक की नजरों में वफादार 

बने रहते हैं और कुछ लोग अपने मालिक की नजरों में धूल झोंक कर भी वफादार बने रहते हैं । कुछ लोग गुलामी को सह कर और मजबूरन अपनी जुबान बंद कर के भी वफादार बने रहते हैं ।

कुछ लोग मालिक की कमियों और कड़वी सच्चाइयों को उनके सामने खुले आम कह के विरोध करते हुए गद्दार का टैग लगवा

कर भी अपना काम ईमानदारी से करते हुए अपनी काबिलियत के दम पर गद्दारों का चोला पहने हुए भी वफादार होते हैं । 


Saturday, April 1, 2023

01.04.2023 पंजाब पुलिस अमृतपाल को पकड़ नहीं पा रही और आज सिद्धु बडबोला और जेल से छूटा ....

अमृतपाल  फरार  ,  नवजोत सिंह सिद्धु बाहर 

क्या करे झाड़ू की सरकार 

आज है मूर्ख मूर्खो का त्यौहार ।

 

पूरे पंजाब की पुलिस और अमित शाह की फोर्स पहले ही 15 दिनों से एक अमॄतपाल को नहीं पकड़ पा रही जिस अकेले ने पंजाब पुलिस की नाक में दम कर रखा है और आज एक और सिद्धु नाम का नाॅन स्टाप बड़बोला जेल से और छूट गया ....

आज जेल से छूटते ही सिद्धु के भाषण से लगा कि वाकई ही 

अप्रेल फूल वाले दिन जनता को मूर्ख बनाया जा रहा है...


जारी रहेगा ....

मास्टर मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान 

01.04.2023


Wednesday, March 29, 2023

29.03.2023 Wednesday. मैं भारतीय हूँ खालिस्तानी नहीं ।

 पंजाब में 18.03.2023 को अमृतपाल को गिरफ्तार करने के लिए जो आॅपरेशन पंजाब पुलिस और केन्द्रीय एजेन्सियों ने चलाया था । आज बारहवे दिन अमृतपाल ने फेसबुक पर लाईव आकर पहली विडियो जारी की । जिसमें उन्होंने देश विदेश के सभी सिक्खों से अपील की कि 13 अपेल को गुरु गोबिंद सिंह जी के पवित्र स्थान गुरूद्वारा दमदमा साहिब अर्थात तलवन्डी साबो जिला भटिंडा ( पंजाब) में वैशाखी के सालाना मेले पर इकट्ठा होने की रिक्वेस्ट की ।

हालांकि इस मेले में मैं पिछले साल को गया था ।  शायद इस बार भी जाऊँ । अमृतपाल जी वाहेगुरु से प्रेम करते हैं शायद वाहेगुरु की इसी कॄपा के कारण अभी तक  लाखो की संख्या में पुलिस को चकमा देकर गिरफ्तारी से बचे हुए हैं ।

कभी-कभी मैं सोचता हूं कि गुरु गोबिंद सिंह जी ने सच ही कहा था कि  "सवा लाख से  एक लड़ाऊँ तभी गुरु गोबिंद सिंह नाम कहाऊँ  ।"

मैं उनकी वाहेगुरु के प्रति भक्ति से तो सहमत हूँ लेकिन खालिस्तान की मांग से कभी भी सहमत नहीं हूँ ।

मैं एक सिख होने के साथ-साथ एक सच्चा भारतवासी भी हूँ ।

मैं भारत के टुकड़े होना कभी भी बर्दाश्त नहीं कर सकता ।

और ना ही गुरु नानक देव जी ने ऐसे कट्टर पंथ की कभी हिमायत की है ।

मैं सभी अपने सिख भाईयों से प्रार्थना करता हूँ कि जो गर्व

भारतीय होने में है वो खालिस्तानी या पाकिस्तानी होने में नहीं ।

अतः आप  खालिस्तान की बढ़ चढ कर निन्दा करें ।

वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह ।

यह नारा प्रेम का है नफ़रत का नहीं ।

गुरु नानक देव जी सिर्फ सिकखो के गुरु नहीं बल्कि सभी अच्छे इन्सानो के है ।

 मेरा वाहेगुरु से लगाव अमॄतपाल से कम नहीं ।

मेरा भारत से लगाव भी सच्चे भारतीय से कम नहीं ।

भारत माता की जय ।

मेरा भारत महान ।


पर्सनल डायरी शायरी 

मास्टर मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान ।

29.03.2023.



Wednesday, December 28, 2022

जनवरी 2023 विचार मास्टर मुखत्यार सिंह करनावल M.I.A.अलवर राजस्थान

 2...बचपन में कोई सी भी मूवी दूरदर्शन पर और वी सी आर में छोड़ते ही नहीं थे । थोड़े बड़े हुए तो वी सी आर सिनेमा हाॅल में प्रभावशाली टाईट्ल वाली मूवी ही देखने लगे । और बड़े हुए तो दमदार हीरो की मूवी ही देखने लगे । थोड़े और बड़े हुए तो सिर्फ सुपरहिट मूवी ही देखने लगे । अब हम समझदार हो गए थे अच्छे डाइरेक्टरी की मूवी ही सिनेमा हाॅल देखने लगे । और समझदार हुए तो अच्छे राइटर की मूवी ही देखने लगे । और अब तो इतने समझदार हो गए हैं कि रजाई में मोबाइल पर किसी भी मूवी को मात्र 15 मिनट झेल पाना बड़ा मुश्किल हो गया है । 

29.12.2022 मास्टर मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान 



1...Happy 2023 to all of you. (28.12.2022)

Thursday, November 17, 2022

18.11.2022 श्रद्धा के 35 टुकड़े नयी लड़कियों के लिए एक सबक

 श्रद्धा के दिल्ली में हुए मर्डर व 35 टुकड़े उन लडकियों के लिए एक सबक है जो माँ बाप भाई बहन बिरादरी एवं समाज को ठोकर मारकर किसी के साथ बिना शादी के रंगरेलियाँ मनाती हैं ।

मास्टर मुखत्यार सिंह 18.11.2022

Thursday, September 29, 2022

OCTOBER 2022 मास्टर मुखत्यार सिंह अलवर राजस्थान

 1...  भारत में साम्प्रदायिक बनाम वामपंथी राजनीतिक दल तो हैं लेकिन घोर दक्षिण पंथी एवं रुढिवादी विचारधारा के राजनीतिक दल नहीं है जो कि एक विचारधारा का ह्रास है ।

 28.10.2022  मास्टर मुखत्यार सिंह 

SEPTEMBER 2022 MUKHTYAR SINGH MASTER THOUGHTS

 2...आज 29.09.2022 को आया सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला अब कोई भी विवाहित या अविवाहित महिला 22 से 24 हफ्तों से पहले पहले वैधानिक रूप से गर्भपात करा सकेगी ।

1...ज्यादातर प्रेम प्रस॓ग ही ही दुष्कर्म में बदल जाते हैं ।  

 Sep.16 , 2022


Thursday, August 18, 2022

AUGUST 2022 मुखत्यार सिंह मास्टर अलवर राजस्थान विचार

20.08.2022 मोबलिन्चिग की कोई भी घटना निन्दनीय है लेकिन 20.08.2022आज जो नेता गोविन्दगढ ( अलवर  ) में मोबलिन्चिग शिकार मृतक चिरंजीलाल के घर पर पहूँच रहे हैं 2018 में पहलू खाँन (बहरोड़) और रकबर खाँन ललावन्डी (रामगढ़) मोबलिन्चिग हत्याओं में कहाँ थे  ???

(मास्टर मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान)


19.08.2022  फेसबुक , यू टयूब और इन्सटाग्राम पर लोग वही दे रहे हैं जो उनके पास है इससे उनक मानसिकता परवरिश का आसानी से पता चल जाता है....मास्टर मुखत्यार सिंह अलवर राजस्थान  

18.08.2022 जातिवाद का विरोध करने वाले भी बहुत बड़े जातिवादी होते...मास्टर मुखत्यार सिंह अलवर राजस्थान 

Tuesday, May 3, 2022

मेरा साहित्य

 पंजाबी  साहित्य 

1...हीर 

= वारे शाह कवि के द्वारा हीर राँझा की लव स्टोरी पर लिखी गई थी ।

घर पर किताब है जो सन 2009 में भटिण्डा से पंजाबी भाषा में खरीदी थी और अक्सर पढ़ता रहता हूँ । 

2...बुल्ले शाह  

= सूफी संत बाबा बुल्ले शाह के द्वारा ऊर्दू और पंजाबी की मिली जुली जुबान में लिखी हुई परमात्मा अर्थात खुदा से मिलने की तड़फ में कविताओं का संग्रह ।

सन 2013 में रामगढ़ अलवर के राधा स्वामी सत्संग के डेरे में बुक स्टोर्स से हिन्दी भाषा में खरीदी जिसे मैं पढ़ चुका हूँ ।

3...जिन्दगी बिलास  

= साधु दया सिंह आरिफ के द्वारा मनुष्य के सौ सालों के जीवन को बिना खुदा की बंदगी किये यूँ ही ऐशो आराम में सौ सालों का जीवन बर्बाद करने पर करीब 1940 में लिखी काव्य रूप में एक प्रसिद्ध पंजाबी जुबान की किताब ।

वैसे तो मेंरे पिताजी 1991 में पंजाब से लाये थे और इससे मै रू बरू भी था लेकिन 30.04.2022 को मैंने इसे फिर से नानकमत्ता उतराखण्ड के गुरु द्वारे के अमावस (मस्सयाँ ) मेले से पंजाबी भाषा में 100 रूपये में खरीदी व जिसे बड़ी रूचि से पढ़ रहा हूँ ।


Sunday, April 17, 2022

45 फुट दिवार खर्चा डिटेल्स मुखत्यार सिंह करनावल


Date....21.04.2022 शुक्रवार 

आज भी मैंने बेलदारी की

Rs..500  एक मजबूत वाली चाली 

RS..760 के दो गट्टे सीमेन्ट के दोपहर को 

Rs..380 एक गट्टा सीमेन्ट लाॅकडाऊन स्ट्राँग शाम को 

Rs..3700 मिस्त्रीयों व बेलदार को

Rs..95 की दो लीटर की डयू ठण्डा 



Date...20.04.2022.आज एक बेलदार नहीं आया इसलिए पूरे दिन मैंने भी बेलदारो की ।

760 रूपये के Rock Strong के दो गट्टे सीमेन्ट के 

1000 रूपये मिस्त्री बेलदारो को एडवांस दिये 

Date...19.04.2022 का खर्चा....

सुबह 25 रूपये का आधा किलो दूध चाय के लिए लाया 

आज ढाढोली गाँव से

दो मिस्त्री.650 रूपये प्रति मिस्त्री दिहाड़ी पर आकर लगे व सुबह आठ बजे चिनाई शुरू की ।

समय सिंह और रामप्रसाद ने 

दो बेलदार ढाढोली गाँव के समय सिंह और राजन ने 400

रूपये प्रति बेलदार ने काम शुरु किया ।

मैंने भी सारे दिन पत्थर बोये ।

सुब्ह 760 रूपये के J.K. सीमेंट के दो गट्टे बाईक पर लाया ।

शाम को 1000 रूपये मिस्त्री बेलदारो को एडवांस दिये ।

शाम को फिर 760 रूपये के दो गट्टे  J.K. सीमेन्ट के बाईक पर लाया । तभी बाईक में  200 रूपये का पेट्रोल डलवाया ।



1...760 रूपये के सु

Date...18.04.2022...Rs...360 के  दो गट्टे सीमेन्ट के 380 रूपये प्रति गट्टा की दर से एक गट्टा J.K. सीमेंट का व एक गट्टा 

Rock Strong का । बहाला स्टैण्ड नन्दा कुम्हार की दुकान से ।

Rs..150 की भारी टीन की छोटी पराय व Rs..180 की ही भारी टीन की बड़ी पराती  । मैडम पुष्पलता की दुकान टकला मार्केट अलवर से ।

Date...17.04.2022.....Rs..5400 दो सौ फुटी बजरी 

की एक ट्राॅली ।

Date.......18.04.2022.....Rs....760..के दो गट्टे सीमेन्ट के 

Wednesday, April 6, 2022

APRIL 2022 विचार मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान

 

5...नेकी कर दरिया में डाल और बुराई माथे ले...

(19.04.2022)

( मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान )


4...आख़िर जैलैन्स्की की जिद ने 

जला ही दिया 

हँसते खेलते यूक्रेन को..... 18.04.2022

(मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान )


3...हवस में लोग वफा को बेच देते हैं 

खुदा के घर को तो क्या 

खुदा को ही बेच देते हैं.... 

(मिर्ज़ा गालिब)


2...ना कहूँ अब की ना कहूँ तब की

अगर ना होते गुरू गोबिंद सिंह 

सुन्न्त होती सब की.....

(सूफी कवि बुल्ले शाह )


1...बाहर चाहे कोई कितना भी शेर हो लेकिन घर में हमेशा

 कद्र कुत्ते जितनी ही होती है....07.04.2022

(मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान) 

Wednesday, March 23, 2022

मार्च 2022 मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान विचार

 मेरे विचार मार्च 2022 

लेखक -- मुखत्यार सिंह करनावल M.I.A अलवर  , राजस्थान 

टाईट्ल  = फंक्शन टैन्शन

 

☆☆☆ बात विडियो बनवाने और भाषण देने की नहीं है ।

ऐसे भाषण तो मैं आज से बीस साल पहले से ही देता आ रहा हूँ 

जब स्मार्ट फोन होते ही नहीं थे । हमारे हजारों अनमोल भाषण 

बिना विडियो के ही चले थे जो आज भी लोगों के 

दिलों में अमर हैं । और आजकल तो हमें फेसबुक  , यू टयूब 

पर लाईव बोलने और गूगल पर ब्लॉग लिखने से ही फुर्सत 

नहीं मिलती । कयोंकि मेरे दो यू टयूब चैनल व दो ब्लॉग्स और 

एक मेरा फेस बुक पर्सनल अकाऊन्ट और एक फेसबुक ग्रुप और 

एक मेरा फेसबुक पेज भी है । 

हाँ यह सत्य है कि जो खुशी जनता के सामने खड़े 

होकर बोलने से  मिलती है वो मोबाईल के सामने बैठ कर 

बोलने से नहीं मिलती ।  

लेकिन सिर्फ़ बोलने वालों को ही क्योंकि ना बोलने

वालों की तो खड़े होते ही टाँगें हैं हिलती ।

आज ज्ञान सिंह जी के अलावा  मेरे साथी रतन और रामचरन जी

 ने भी बहुत कुछ बोला जिससे मुझे बहुत अच्छा लगा ।

और साथी कॄष्ण और राकेश जी ने फंक्शन की सारी  व्यवस्था 

करने में अहम् भूमिका निभाई जो हमारे बस का 

काम नहीं था ।

  

इसके अलावा मै मेरे चार पर्सनल वाॅट्स एप ग्रुप को भी 

चलाता हूँ जिनका एडमिन भी मैं ही हूँ ।

टविटर और इन्सटाग्राम के लिए वक्त ही कहाँ मिलता है  ?

बस अकाऊंट बना कर रखे हुए हैं जिनके कभी-कभी 

दर्शन कर लेते हैं ।

इतना सब ताम- झाम इसलिए कि वक़्त अब समाज से कुछ 

लेने का नहीं बल्कि समाज को कुछ देने का है ।

 जो कुछ लेना था ले चुके ।

बात दरअसल अनुशासन की है यदि एक बच्चा 

अनुशासन को तोड़े तो किसी हद तक चलता है 

परन्तु यदि समाज के जिम्मेदार  लोग ही अनुशासन को तोड़े तो 

ये गवारा नहीं । 

और वो भी तब जब किन्हीं गंभीर मुद्दों पर चर्चा चल रही हो ।


कभी-कभी समाज को कुछ सबक प्रैक्टिकल करके दिये 

जाते हैं जो हमेशा उन्हें याद रहते हैं  जिससे  भविष्य में वो 

अनुशासन व दुसरे लोगों के मान सम्मान का हमेशा 

ख्याल रखते हैं  । 

प्रैक्टिकल का क्या महत्व है इसे एक साइन्स 

या बायो का टीचर बेहतर समझ सकता है ।


आप मुझे बुरा कहो इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन 

यदि किसी सौ लोगों में से किसी एक ने भी कुछ  सीख  लिया 

तो समझो मेरा मकसद पूरा हो गया ।

खैर ये महफिले अब तुम्हारी ही रहेंगी क्योंकि हम तो वैसे भी

30.03 2022 के बाद भूत काल हो जाएँगे ।

कहा सुना माफ

आपका मीठा कड़वा साथी

मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान 

तारीख  23.03.2022

पढ़ने के लिए दिल से 

शुक्रिया 


 




Tuesday, March 22, 2022

होली

 होली 

लेखक - मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान 

तारीख  = 16.03.2022


होली एक हिन्दुओं का त्यौहार है जिसमें लोग गिले शिकवे भुला

 कर एक दुसरे पर रंग व गुलाल लगाते हैं । लेकिन 80% लोग

 अपनी होली शराब और मीट से ही मनाते हैं । मुर्गा बहुत ही महंगे

 रेट पर मिलता है और बकरे का तो नाम ही मत लेना । शराब ठेकों

 पर लगभग खत्म हो जाती है ।  जिस हिंदू मजदूर के पास इसके

 लिए रुपये खर्चा नहीं होता उसके लिए यह एक मातम का सा दिन

 होता है क्योंकि पड़ोसी के घर से खुशबू आ रही होती है ।

 ग्रामीण क्षेत्रों के लोग एवं आदिवासी जातियों का होली मनाने का

 एक अलग ही तरीका है । वो एक दूसरे को रंग लगाते लगाते

 नाचने लग जाते हैं और फिर गारे या गोबर की भरी बाल्टी एक

 दूसरे पर फेंकने लग जाते हैं  । किसी को कीचड़ के गड्ढे में  धक्का

 दे दिया जाता है  । महिलाओं के साथ खुलेआम छेड़छाड़ करने

 का यही एक सुनहरा मौका होता है  । कई युवाओं के प्यार का

 इजहार इसी मौके पर होता है  । आदिवासी सोच के लोग अपना

 आपा इस हद तक खो देते हैं कि एक दूसरे के कपड़े फाड़ कर

 एक दूसरे को नंगा करने लग जाते हैं ।  यह होली उत्सव की एक

 चरम सीमा होती है क्योंकि इसके बाद रौणा अर्थात शोर-शराबा

 शुरु हो जाता है ।

 और लोग फिर या तो नहा धोकर या फिर बिना नहाए धोए खाट

 पर पड़ जाते हैं । और यदि आप इसे हिंदुओं का एक पागल

 त्यौहार कहे तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी ।

धन्यवाद

लेखक 

मुखत्यार सिंह करनावल M.I.A अलवर राजस्थान ।

तारीख  = 16.03.2022


Holi


Author - Mukhtyar Singh Karnawal Alwar Rajasthan


date = 16.03.2022




Holi is a Hindu festival in which people forget their grievances.


 Taxes apply color and gulal on each other. but 80% of people


 Celebrate your Holi with alcohol and meat only. cock is very expensive


 It is available at the rate and don't take the name of the goat. liquor shops


 But it's almost over. The Hindu laborer who had


 It doesn't cost money for him, it's a mourning day


 It happens because the smell is coming from the neighbor's house.


 People of rural areas and tribal castes celebrate Holi


 There is a different way. they paint each other


 start dancing and then a bucket full of cow dung


 Throwing it at the other. push someone into a pit of mud


 is given. openly molesting women


 This is a golden opportunity. of the love of many young people


 The celebration takes place on this occasion. people of tribal thinking


 lose their temper to such an extent that by tearing each other's clothes


 They start stripping each other. This is one of the Holi festival


 There is an extreme limit because after this Rauna means noisy noise.


 gets started.


 And people then either after taking a bath or without washing the cot.


 But they fall. And if you call it a madman of Hindus


 It will not be an exaggeration if it is called a festival.


Thank you


Author


Mukhtyar Singh Karnawal M.I.A Alwar Rajasthan.


date = 16.03.2022

Wednesday, March 16, 2022

मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान की जीवनी Autobiography

 लेखक 

मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान 

तारीख = 17.03.2022

1...(  मेरे दादाजी व पिताजी और माता के जन्म स्थानों 

               व उनके जीवन के बारे में  )

खुश रहने के ढूँढता हूँ बहाने 

वरना जिन्दगानी है दुखों की कहानी

मेरा जन्म गाँव साँखला  , पोस्ट बहाला (M I.A)

तहसील रामगढ़  जिला  अलवर  राजस्थान में 

करीब  1981 में जनवरी में हुआ था ।

माता जी अक्सर बताती हैं कि लोहड़ी माँगने वाले घर पर नहीं आये थे क्योंकि 21 दिन तक नवजात शिशु के पास ताबीज़ आदि ले जाने का परहेज किया जाता है क्योंकि इससे नवजात शिशु को भी खतरा रहता है और ताबीज़ या कोई मंत्रित धागा भी खराब हो जाता है । अर्थात नवजात बच्चे और ताबीज़ दोनों को नुकसान होता है । लोहड़ी हमेशा 13 जनवरी को ही आती है ।

विक्रमी सम्वत के पौष मास के शुरुआती दिनों में पौष भास की दो या तीन तारीख  मंगलवार को सुबह आठ से दस बजे के बीच  घोर सर्दियों में मेरा जन्म हुआ था । ऐसा नहीं है कि हमारे पिता जी ने हमारी जन्म तिथि नहीं लिखी थी । चारों भाई बहिनों की जन्म,तिथि उन्होंने वार सहित लिखी थी । लेकिन जब मेरे पिताजी पागल हुए थे तो उन्होंने सब जला दी थी । पहली बार मेरे पिताजी तब पागल हुए धे जब मुझसे छोटे भाई मंगल सिंह का जन्म हुआ था । तब से लेकर अब तक वह करीब बीस बार पागल हो चुके हैं । जिनका कई बार ईलाज जयपुर के पागल खाने से व एक बार आगरा के पागलखाने से व अब कई बार अलवर के राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय के मानसिक रोग विभाग से हुआ है । और अभी भी आठ दिन पहले ही  मेरी माता जी उनके मानसिक रोग की दवाई अलवर के सरकारी अस्पताल से लेकर आयी हैं । वो बात अलग है कि अब उन पर काबू पाना पहले की तुलना मे आसान होता है क्योंकि बूढ़े और जवान की ताकत में फर्क होता है ।

खैर  , मेरे दादाजी शंकर सिंह वालिद गुलाब सिंह 1947 में भारत पाकिस्तान विभाजन के दौरान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के जिला साईवाल  Sahiwal जिसे मिन्टकुमरी Montgomery  जिला भी कहते हैं के गाँव 80 -- 79 अर्थात अस्सी -- उन्यासी से आये थे ।  यह गाँव  साईवाल शहर से  मात्र तीन--चार किलोमीटर  दूरी पर ही है । यह बात मैंने तीन साल पहले हमारी व्योवॄद्ध बुआ जी नाड़का गाँव निवासी अमरो कौर पत्नि सरदार लक्ष्मण सिंह से पूछी थी जो की पाकिस्तान में 13 --  14 साल की थी । आज से ढाई साल पहले उनका स्वर्गवास हो चुका है । और यही पता आज 27.03.2022 को अपनी वृद्ध व सगी बुआ करतारो कौर पत्नि स्वर्गवासी लाल सिंह से पूछी है । यह साईवाल जिला लाहौर से 180 किलोमीटर की दूरी पर लाहौर व मुल्तान के बीच में पड़ता है ।

मेरे पड़दादा गुलाब सिंह के तीन पुत्र थे जो कि मेरे दादाजी हुए ।

1...शंकर सिंह  (भगत ) 

2...चम्पा सिंह अर्थात चम्बा सिंह 

3...सुबा सिंह 

 

पाकिस्तान से आने के बाद मेरे दादाजी व पड़दादा जी  पहले हरियाणा के रोहतक के पास चाँघ गाँव में रहे जहाँ पर मेरे पिताजी का जन्म हुआ था ।

मेरे पिताजी के जन्म के बाद जल्दी ही मेरी दादी जी का स्वर्ग वास हो गया था । मेरे पिताजी कुल चार भाई बहन थे । जो उन चारों को माँ का प्यार नहीं मिला था । 

बड़ी बहन अर्थात मेरी बुआ करतार कौर हैं जो खैरियत से आज  23.03.2022 को भी जीवित हैं अतः हमारे ही गाँव में रहती हैं । 

दूसरे नंबर पर मेरे ताऊ करतार सिंह जी हैं जो वाहेगुरु की मेहरबानी से आज 23.03.2022 को भी ठीक-ठाक हैं ।

तीसरे नंबर पर मेरे ताऊ जी अवतार सिंह जी थे जिनका कुवारें रहते युवावस्था में ही इन्तकाल हो गया था ।

और चौथे नंबर पर मेरे पिताजी  जगतार सिंह जी हैं जो आज 

23.03.2022 को एक बुजुर्ग व कमजोर व मानसिक रोगी की हालत में हैं जो हमारे मना करने पर भी तीन दिन पहले हरियाणा में रेवाड़ी के पास बावल में कसौला चौक पर किसी के साथ जय गुरुदेव आश्रम में घूमने व सेवा करने चले गये हैं । जिन्हे लाने के लिए कल मेरी माता जी जा रही हैं ।

माँ मर गई धी और बाप एक भगत आदमी धा इसलिए चारों बहिन भाईयों का जीवन भी दुख में और जगह जगह भटकते हुए गुजरा ।

अतः कोई भी बच्चा स्कूल की शक्ल नहीं देख सका ।


मेरे पड़दादा कुछ रिश्तेदारों के साथ राजस्थान के अलवर जिले के टपूकडा कस्बे से काफी दूर भलेसर गाँव में आकर बस गये थे ।

जहाँ पर राजस्थान सरकार द्वारा हमको पाकिस्तान से आये शरणार्थी मानते हुए कस्टोडियन की जमीन अलोट हुई थी ।


30.09.2022 की कलम 

भलेसर गाँव मुस्लिम बहुल अर्थात मेवात क्षेत्र था और 

 



Monday, February 14, 2022

फरवरी 2022 मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान के विचार

2...उसे तुम आबाद रह के सीखना चाहते हो 

जिसे सीखने में बरबाद हो गये हम ..... = 14 02.2022

 

1...भीख नहीं अधिकार चाहिए

     हमदर्दी नहीं प्यार चाहिए । ...=11.02.2022

Wednesday, January 12, 2022

11.01.2022 अलवर में एक मूक बधिर बालिका के साथ गैंग रैप

 लेखक  मुखत्यार सिंह करनावल 

गाँव साँखला M.I.A. अलवर  , राजस्थान 

दिनांक  12.01.2022


कल  11.01.2022 अलवर जिले से 12 किलोमीटर की दूरी पर रहने वाली 

एक मूक बधिर 15 साल की बच्ची को कुछ दरिन्दों ने किडनैप कर के अतः किसी गुप्त स्थान पर निरममता से  गैंगरेप कर के रात आठ बजे तिजारा फाटक  रेलवे ओवर ब्रिज

 ( शिवाजी पार्क थाना )  क्षेत्र में फैक दिया ।

बच्ची का इलाज जयपुर में जे के हास्पीटल में चल रहा है ।

पूरा प्रशासन व पुलिस जानवरों की गिरफ्तारी में लगे हुए हैं 

लेकिन अभी तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है ।

उम्मीद है कि जल्दी ही वो जानवर कानून के

 शिकन्जे में होंगे ।

I wonder how does their concious let

 them do so  ?  

Sunday, October 31, 2021

डिसीजन वही बदलते हैं जो हफ्ड़ा तफ्ड़ी में लेते हैं.....

 लेखक 

मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान 

31.10.2021

मेरे विचार 

 

डिसीजन वही बदलते हैं 

जो हफ्ड़ा तफ्ड़ी में लेते हैं ।

सोच समझकर  डिसीजन लेने वाले 

कभी बदलते नहीं 

लोग भले ही उन्हें जिद्दी क्यों न कहें ।

Tuesday, October 26, 2021

Ward No.13 MPS (DIRECTOR) PANCHAYAT SAMITI RAMGARH ALWAR RAJASTHAN HISTORY

 लेखक 

मुखत्यार सिंह करनावल M.I.A अलवर  , राजस्थान 

Created on 26.10.2021

वार्ड़ नंबर 13 पंचायत समिति सदस्य चुनाव रामगढ़, अलवर 

राजस्थान का इतिहास ।

वार्ड़ नंबर 13 में शामिल गाँव 

1...ग्राम पंचायत जातपुर 

2...धनखेड़ा 

3...लालपुरी 

4...मून्डपुरी 

5...मीणापुरा 

6...धूणी नाथ की रून्ध  (सीरिया का बांस)

7... अग्यारा 

8...साँखला  


वार्ड का नया गठन हुआ 2019

लेकिन Covid-19 व लाॅकडाऊन के चलते चुनाव 

26.10.2021 को हुए ।

सीट - एस टी अर्थात मीणा समुदाय 

फाॅर्म भरने अर्थात नामाँकन की तारीख 

07.10.2021 से 09.10.2021 तीन दिन 

उम्मीदवार

नतीजा  --  1...भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के उम्मीदवार 

कुलदीप मीणा ने 2061 वोट प्राप्त किये ।


2...भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार ममता मीणा पत्नि मामराज मीणा ने 1582 वोट प्राप्त किये ।

3...बिजेन्द्र मीणा  निर्दलीय ने 27 वोट प्राप्त किये 

4...सुमन मीणा  निर्दलीय ने  3  वोट प्राप्त किये 

5...नोटा अर्थात इनमें से कोई भी नहीं ने  8 वोट प्राप्त किये 

कुल वोट पड़े = 3681

जीत का अन्तर = 

2681 = 1582 = 479

अर्थात कुलदीप मीणा जी  479 वोटों से विजयी हुए ।

नोट--गाँव साँखला से कुलदीप मीणा को 137 व 

ममता / मामराज को 297 वोट प्राप्त हुए ।


  


1...कुलदीप मीणा पुत्र श्री संतोष मीणा 

पार्टी  - भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस 


2...ममता पत्नि

श्री मामराज मीणा 

पार्टी  - भारतीय जनता पार्टी 


नतीजा - 29.10.2021 को 


Saturday, October 16, 2021

17.10.2021 महँगाई V/S हिन्दुराष्ट्र और जहरीली लहरें..

लेखक 

मुखत्यार सिंह करनावल  M.I.A अलवर राजस्थान 

Date...17.10.2021 


 विषय-----महँगाई बनाम हिन्दुराष्ट्र और जहरीली लहरें 


(कट्टर हिन्दुओं का जूता उन्ही के सिर)

दोस्तों आप जानते हैं कि भारत देश हिन्दु बाहुल्य है ।

वैसे तो भारत में सभी तरह के हिन्दू हैं 

लेकिन 2014 तक ज्यादातर आम हिन्दू भी

कट्टर हिन्दू मैं बदल चुका था जिससे भारत में 

पहली मोदी लहर आयी ।

अतः 2019 में वही हिन्दू अब अंधभक्तो का का 

रूप ले चुके थे ।

जिसके परिणामस्वरूप भारत में 

दूसरी मोदी लहर आयी ।


मंदिर बन गया और धारा 370 हट गई और 

NRC , CAB  अधर में ही लटक गयीं ।


लगता है मनहूस लहरों का अंधभक्तो 

को चस्का लग चुका था ।

अब चुनाव तो 2022 में होने हैं ।

लेकिन अंधभक्तो को तो जल्दी ही कोई और लहर 

चाहिए थी ।

उनकी मनोकामना पूरी हुई ।

अब फिर एक और मनहूस लहर कोरोना लहर आयी 

जो लाखों हिन्दुओं को ही बहा के ले गयी ।

फिर दूसरी कोरोना लहर आयी जो मोदी लहरों 

से भी भयानक थी ।

और अट्टर कट्टर सब को बहा के ले गयी ।

अब लोग लहरों से तौबा करने लगे ।

और लाॅकडाऊन की कैद से मुक्त होकर 

वापिस पुरानी सड़कों पर आना चाहते थे 

और लहरों का नाम भी नहीं लेना चाहते धे ।

लेकिन लहर है कि मानती ही नहीं ।

तीसरी कोरोना लहर भी मूँह फैलाये खड़ी है ।

जिसके कहर से लहरों के जन्म दाता को भी 

बहने का खतरा बना हुआ है ।

लेकिन अब एक नयी लहर पैदा हो गयी है ।

जिसे महँगाई लहर कहते हैं ।

अब यह लहर उन्ही हिन्दूओ का टटलु 

निकाल रही है जिन्होंने हिन्दुराष्ट्र का सपना 

देखा था ।


हिन्दुराष्ट्र तो बना नहीं लेकिन महँगाई उनका 

टटलु निकाल रही है । 

क्योंकि मुस्लिम तो बिचारे 

वैसे ही बहुत कम हैं हिदुस्तान में ।

अब कुछ पाने के लिए 

कुछ खोना तो पड़ेगा ना ।


लेकिन इन अंधभक्तो को तो 

वो भी ना मिला ।

धोबी के कुत्ते घर के ना घाट के 

यह कहावत असभ्य लगती है यहाँ पर ।


आईये हिन्दुओं की हिन्दी में बात 

करते हैं......


सच कहा है किसी ने......


दुविधा में गये दोनों 

माया मिली न राम ।


हिन्दुओं का जूता उन्ही के सिर 


आपके चाहिते

मुखत्यार सिंह करनावल के

सच्चे और कड़वे बोल 

17.10.2021



  

 



Friday, October 15, 2021

15.10.2021 किसी भी धर्म या विचारधारा की कट्टरता एक सभ्य समाज के लिए खतरनाक

 लेखक 

मुखत्यार सिंह करनावल 

M.I.A अलवर राजस्थान 

Date..15.10.2021 

Happy Dashahara


दोस्तों आज दशहरे जैसे बुराई पर अच्छाई की विजय के पावन 

त्यौहार पर सुबह तड़के 3:30 बजे दिल्ली व हरियाणा के 

सिंघु बाॅर्डर पर बैठे आन्दोलन कारी किसानों के बीच प॔जाब 

के निह॔ग सिंहो द्वारा एक दलित तरनतारन के निवासी की 

बड़ी बेहरहमी से तालिबानी तरीके से हत्या कर दी गयी ।

उसका एक हाथ व एक पैर काट के व फिर उसे 

तड़फा तड़फा के मारा गया । और उसको घसीटकर 

पास के ही एक बैरिकैट्स पर लटका दिया गया ।

मरने से पहले उसकी एक विडियो भी बनाई गई  

जिसमें वह तड़फा तड़फा से काटने की बजाय गला

 काट कर एक बार में ही मारने की भीख माँग रहा है ।


दोस्तों यदि यही सिक्ख धर्म है तो मैं ऐसा सिक्ख नहीं हूँ  ।

बड़ी बड़ी दाढ़ी मूँछ रखने से और सिर्फ अमृत छकने से 

ही कोई सिक्ख नहीं बन जाता ।

आदमी मोना अर्थात कटे हुए बालों वाला भी सच्चा सिक्ख 

बन सकता है ।

सिक्ख धर्म के पहले गुरु श्री गुरु नानक देव जी की 

शिक्षाओं में हिंसा का कोई स्थान नहीं है ।


लाखों मोने लोग गुरु नानक देव जी के शिष्य थे ।

और आज भी करोड़ों मोने लोग गुरु नानक देव जी की 

शिक्षाओं को सुनने गुरुद्वारे जाते हैं और करोड़ों  रुपयों 

का लंगर में  दान भी करते हैं ।

जब ये लोग कोई नया गुरुद्वारा बनाते हैं तो लाखों अन्य

धर्म के मोने लोगों के घरों में चन्दा माँगने के लिए डोलते 

हैं ।

व्यापारियों और राजनेताओं से मोटी रकम लाते हैं ।


गुरद्वारे उन सब की सेवा से चलता है ऐसे दाढ़ी मूछ 

बढ़ा के किसी गरीब की हत्या करने वालों से नहीं ।


ये लोग सिक्ख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह 

जी के बनाये हुए खालसा पंथ का दुरुपयोग कर 

रहे हैं ।

गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की साजना मुगलों 

के अत्याचार के खिलाफ की थी ना कि किसी गरीब 

और दलित की हत्या करने के लिए......


शेष भाग जारी रहेगा.......

मुखत्यार सिंह करनावल 

15.10.2021 






Sunday, October 10, 2021

10.10.2021 डायरी शायरी और मेरे विचार

 लेखक मुखत्यार सिंह करनावल अलवर राजस्थान 


धर्म के मामले में धोबी के कुत्ते घर के ना घाट के 

1...मैं हैरान हूँ कि सिक्ख धर्म के लोग नवरात्रे क्यों कर रहे हैं जबकि गुरु नानक देव जी नें सभी धर्मो के ऐसे आडम्बरों से दूर हटके सिक्ख धर्म बनाया था ।

गुरद्वारे एवं गुरु ग्रन्थ साहिब में नवरात्रो का कोई स्थान नहीं है ।

लेकिन हाँ हिन्दू धर्म में जिनका जन्म हुआ है उन्हें तो इसे जरूर मानना भी चाहिए क्योंकि यह उनका धर्म है लेकिन जब कोई गुरु का सिक्ख गुरद्वारे भी जाता है और श्राद्ध व नवरात्रे भी करता है 

तो मुझे यकीनन हैरानी होती हैकि वह श्राद्ध और नवरात्रे मना के गुरु नानक देव जी की बतायी हुई शिक्षाओ का विरोध कर रहा है।


 

Tuesday, October 5, 2021

05.09.2021 Tuesday Personal Dairy Mukhtyar Singh Karnawal Alwar Rajasthan.

 Author 

Mukhtyar Singh Karnawal M.I.A Alwar  Rajasthan

Personal Diary

05.09.2021 Tuesday


I went to school. My mother went to Medical Hospital in M.I.A to see the doctor for her hands sufferings.

I prepared eggs then went to school.

In the evening I did many home chores

And got tired. 

My father is also not well. He had cough 


04.09.2021 Monday Personal Diary Mukhtyar Singh Karnawal Alwar Rajasthan

 Author

Mukhtyar Singh Karnawal M.I.A Alwar Rajasthan

Personal Diary

04.09.2021 Tuesday


I went to school as usual. 

Lakhimpur khiri U.P. farmers agitation was in

Lime lights today. In the afternoon there was a compromise between UP Government and Rakesh Tikait.

Tonight at 09:00 P.M.the What's app , Facebook and Instagram server got down all over the world.

It lasted six hours continuously.

Mostly What's app users got too much disturbed.